(G-वार्ता)
गदरपुर। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलोनाइजर धड़ल्ले से अवैध कॉलोनियां काटकर निर्माण कराने में जुटे हैं वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में काटी जा रही है इस गोरखधंधे मैं लिफ्त भू-माफियाओं द्वारा खेती की भूमि पर काटी जा रही कॉलोनियों के बारे में तहसील प्रशासन को कोई जानकारी नहीं है इसका राज तब खुला जब मानव अधिकार एवं भ्रष्टाचार निवारण संस्था उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष हरीश शर्मा डंपी द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना का खुलासा हुआ हरीश शर्मा ने सूचना का अधिकार अधिनियम के माध्यम से तहसील प्रशासन से तीन बिंदुओं पर विभिन्न राजस्व ग्रामों में काटी जा रही अवैध कॉलोनियों के खसरा नंबर, क्षेत्रफल तथा खातेदार का नाम पता के संबंध में जानकारी मांगी थी उन्होंने मान्यता प्राप्त प्रमाणित कॉलोनियों में प्रमाणित कालोनियों की सूची उपलब्ध कराने के अलावा प्रमाणित कालोनियों के संबंध में सक्षम अधिकारी के प्रमाण पत्र की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की थी तहसील प्रशासन ने 30 जून को कार्यालय से जारी पत्र में हरीश शर्मा द्वारा मांगी गई सूचना का जवाब देते हुए अवगत कराया कि ग्रामों में काटी जा रही कालोनियों के बारे में मांगी सूचना अधिकार के अंतर्गत सूचना जांच विषयक है हरीश शर्मा ने इस आधार पर तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र के अंतर्गत जो कालोनिया काटी जा रही है उन कालोनियों का दाखिल खारिज एवं 143 की कार्रवाई तहसील कर रही है सूचना मांगने पर काटी जा रही कॉलोनियों की कोई जानकारी ना होने की बात कही जा रही है शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से अवैध कालोनियां काटी जा रही है लेकिन तहसील प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है सूचना के अधिकार का तहसील प्रशासन मजाक उड़ाने में लगा हुआ है जिसके लिए द्वितीय अपील की जाएगी और सूचना आयोग का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा ।
