(G-वार्ता)
हमारी दिनचर्या की गतिविधियां शारीरिक-मानसिक, दोनों तरह की सेहत को प्रभावित करती हैं। यही कारण है कि सभी लोगों को उन आदतों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है, जिनसे सेहत को नुकसान हो सकता है। धूम्रपान की आदत को अध्ययनों में सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक बताया गया है। सिगरेट के धुएं में मौजूद टार फेफड़ों में जमा होने लगते हैं जिससे सांस से संबंधित कई तरह की दिक्कतों का जोखिम बढ़ जाता है। चेन स्मोकर्स में, अन्य लोगों की तुलना में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के विकसित होने का जोखिम कई गुना अधिक हो सकता है।
इस पर हुए अनेकों शोध बताते हैं कि हृदय रोग से लेकर कैंसर तक, धूम्रपान की आदत सेहत को कई तरह से प्रभावित कर सकती है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि सिगरेट की कश के 10 सेकंड के भीतर, तंबाकू के धुएं में मौजूद जहरीले रसायन आपके मस्तिष्क, हृदय और अन्य अंगों तक पहुंच जाते हैं।धूम्रपान एवं तंबाकू का सेवन आपके शरीर के लगभग हर हिस्से को नुकसान पहुंचाता है और कई रोगों के खतरे को बढ़ा सकता है। अगर इस आदत से छुटकारा पा लिया जाए तो कई तरह की गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।
कैंसर का जोखिम
भारत समेत कई अन्य देशों में हुए शोधों के अनुसार सभी प्रकार के कैंसर के लगभग 20 फीसदी मामलों के लिए धूम्रपान को प्रमुख कारक माना जाता है। फेफड़े के कैंसर के 80% मामलों के लिए स्मोकिंग को जिम्मेदार माना जाता है। इसके अलावा अधिक धूम्रपान करने वाले लोगों में लीवर, आंत, पेट और मुंह के कैंसर का भी जोखिम काफी बढ़ जाता है।
फेफड़ों को नुकसान
धूम्रपान आपके फेफड़ों के वायुमार्ग और वायु थैली को नुकसान पहुंचाता है। समय के साथ यह आदत फेफड़े के कार्यक्षमता को भी खराब कर देती है। धूम्रपान के धुएं के कारण फेफड़े की गंभीर दीर्घकालिक बीमारियां, जैसे कि क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), निमोनिया और टीबी, फेफड़ों के संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। फेफड़ों की समस्या के कारण मृत्यु का जोखिम काफी अधिक हो सकता है।
रक्त वाहिकाओं को क्षति
तंबाकू का सेवन, विशेषकर धूम्रपान के रूप में आपके हृदय और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान कोरोनरी हार्ट डिजीज (सीएचडी) का प्रमुख कारण है, जिसमें धमनियां, हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त रक्त की आपूर्ति नहीं कर पाती हैं। सीएचडी दिल के दौरे का प्रमुख कारण है। इससे मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।
युवाओं में हार्ट अटैक का प्रमुख कारण
युवाओं में सिगरेट, तंबाकू, पान मसाला, बीड़ी, खैनी के सेवन का चलन बढ़ गया है। कम उम्र में ही इनके सेवन से युवाओं को तमाम बीमारियां घेर रही हैं। तंबाकू में मौजूद निकोटिन चबाने से रक्त में मिल जाती है। जिससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल का जमाव होने लगता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल के जमाव से धमनियां संकुचित हो जाती हैं। जिससे ह्दय को पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं मिल पाता है।पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं मिलने पर दिल का दौरा पड़ जाता है। अक्सर देखा जाता है जिम करते समय, ठहलते समय हार्ट अटैक आ रहा है। तंबाकू के सेवन से एड्रीनल ग्लैंड क्रियाशील होता है। जिससे हार्मोन इपीमेफ्रीन का उत्सर्जन होता है, जो हार्मोन सेंट्रल नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर रहा है। तंबाकू का पूर्णरूप से त्याग ही इसका एक मात्र बचाव है
