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समय से पहले कमजोर हो रहा युवाओं का दिल, जानें कारण व इसका इलाज डॉ कपिल शर्मा से...


(G-वार्ता)

भारत में पिछले कुछ वर्षों में हृदय रोग के मामले में तेजी से उछाल पाया गया है। कई अध्ययनो में देखा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में ही भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में भी हृदय रोग का खतरा बहुत तेजी से बढ़ा है।हृदय रोग पूरे विश्व में आज एक गंभीर बीमारी के तौर पर उभरा है। हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस के बहाने पूरे विश्व के लोगों में इसके बारे में जागरूकता फैलाई जाती है। अपने देश में तो अब कम उम्र के लोग भी इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं। इस बीमारी की सबसे बड़ी वजहों में से एक है तनाव।लेकिन इन सबके अलावा आजकल हृदयरोग से जुड़े ऐसे कई मिथक भी सामने आ रहे हैं कुछ मिथक तो बहुत आम होते हैं। जैसे – लोगों में यह आम धारणा होती है कि हर तरह का व्यायाम हृदय के लिए लाभकारी होता है। इसी तरह अधिकांश लोग यह सोचते हैं कि महिलाओं में दिल की बीमारी का खतरा कम होता। इन तरह की अनेक ऐसी धारणाएं हैं जो बहुत से लोगों में घर कर गई हैं। इन मिथकों को तोड़कर सही तथ्य स्पष्ट करने मात्र से रोगियों के हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।

हृदय रोग क्या है ?

हृदय की मांसपेशिया जीवंत होती हैं और उन्हें जिन्दा रखने के लिए आहार और ऑक्सीजन चाहिए। हृदय की मांसपेशियों के अन्दर धमनियां होती हैं जो हृदय की इन मांसपेशियों को आहार और ऑक्सीजन पहुंचाती हैं। इन धमनियों को कोरोनरी आर्टरीज कहा जाता है। जब इनमें से कोई एक या ज्यादा धमनी संकरी या आंशिक रूप से अवरुद्ध हो जाती हैं तो इससे कोरोनरी आर्टरी डिजीज हो जाती है। जब ऐसी एक या ज्यादा आर्टरी अवरुद्ध हो जाती है तो हृदय की कुछ मांसपेशियों को आहार और ऑक्सीजन नहीं मिल पाता। इस अवस्था को हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा कहते हैं।

हृदय रोग के लक्षण

• छाती के बीच में बेचैनी-दबाव, दर्द, जकड़न और भारीपन का अहसास होता है, यह अवस्था कुछ मिनट तक रह कर या तो गायब हो जाती है, या फिर लौट आती है।

• छाती के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में भी बेचैनी (दर्द या भारीपन) बांहों, कमर, गर्दन और जबड़े में भी महसूस हो सकती है। सीने में बेचैनी, बांहों, कंधों, जबड़े या गर्दन और कभी-कभी यहां से सीने तक भी पहुंच सकती है।

हृदय दर्द को पहचानें :-

मेहनत का कोई कार्य करने पर एंजाइना का दर्द प्रारंभ हो जाता है। इस तरह का दर्द सीने के बीच में होता है। इस तरह का दर्द दोनों हाथ या बाएँ हाथ तक फैलता है। आराम करने पर इस तरह का दर्द ठीक हो जाता है। यह दर्द 5 से 10 मिनट तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है। अगर दर्द हार्ट अटैक का है तो यह दर्द करीब आधा घंटे तक मरीज को परेशान करता है। ऐसे में मरीज को बेहद पसीना आता है, उसे उल्टी भी आ सकती है।

अगर आपके सामने कभी ऐसी समस्या आ जाए तो कृपया नीचे लिखी बातों पर तुरंत अमल करें

• दर्द का अनुभव होते ही जिस काम में भी आप लगे हों, उसे तुरंत रोक दें।

•अगर दर्द होने पर चक्कर आए या सिर में दर्द का अनुभव करें तो समझ जाइए कि आपका ब्लडप्रेशर बहुत ज्यादा कम हो गया है। इस अवस्था से बचने के लिये तुरंत नींबू नमक पानी लेना चाहिए।

• अगर दर्द का अहसास खाना खाते वक्त हो तो खाना धीरे-धीरे और रुक-रुक कर खाएँ। और कम खाएँ, भले ही आपको बार-बार खाना पड़े।

• सीने में दर्द उठने के साथ-साथ अगर चक्कर या बेहोशी आए तो तुरंत मरीज के दोनों पैर ऊँचा करके मरीज को लिटा दें।

• अगर आप दिल के रोगी हैं, हाई ब्लडप्रेशर या डायबिटीज के रोगी हैं तो आपको हर वक्त अपने पास इमरजेंसी फोन नंबर रखना चाहिए। डाॅक्टर को घर बुलाने से अच्छा होगा कि मरीज को तुरंत अस्पताल पहुँचाएँ जिससे कि मरीज को अचानक मौत (सडन डेथ) से बचाया जा सके।

दिल को स्वास्थ्य रखने के कुछ उपाय:-

• थोड़ा समय व्यायाम के लिए निकालें।

• प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे तक व्यायाम करना हृदय के लिए अच्छा होता है।

• समय की कमी है तो आप टहल सकते हैं।

• सेहत के अनुरूप आहार लें।

• नमक की कम मात्रा का सेवन करें।

• कम वसा वाले आहार लें।

• ताजा सब्जियां और फल लें।

• समय पर नाश्ता और समय पर लंच करें।

• तंबाकू से दूर रहें।

• घंटों एक ही स्थिति में बैठना हृदय के लिए हानिकारक हो सकता है। आज की भागदौड़ वाली जीवनशैली में तनाव भी बढ़ गया है। इससे पूरी तरह बचना तो मुश्किल है लेकिन जहां तक संभव हो इससे दूरी बनाए रखें।

हृदय रोग में होम्योपैथी चिकित्सा :-

होम्योपैथी में इस बीमारी से निजात पाने के लिये कई कारगर औषधियाँ हैं जिन्हें आप शल्य चिकित्सा से पहले और बाद में लंबे अरसे तक व्यवहार कर पूरी जिन्दगी निकाल सकते हैं और यह भी हो सकता है आपको इस रोग से हमेशा के लिये भी छुटकारा दिला दे। आप लक्षणानुसार इन होम्योपैथिक औषधियों को अंग्रेजी औषधियाें के साथ भी व्यवहार कर सकते हैं। ब्रायोनिया, क्रेटाजियस ओक्स क्यु, रेस्क्यु, एग्रीमोनी, लोलीयम टी, एकोनाइट , बेराइटा आयोड (कोरोनोरी आर्टरी का ब्लॉकेज खोलने में समर्थ), इत्यादि अनेक होम्योपैथिक दवाएँ हैं जो आप योग्य होम्योपैथिक चिकित्सक के अधीन रहकर लेकर आप लाभान्वित हो सकते हैं।

अगर आप हृदय रोग से बचना चाहते हैं तो रोज दिन में तीन बार स्ट्रोन्ट्रिया कार्ब 30 दिन लें, इससे ब्लड प्रेशर हमेशा के लिये ठीक होते देखा गया है और हृदय में रुकावट को साफ करने में कारगर है। अगर किसी को ब्लॉकेज है तो 3 से 4 माह में बिना ऑपरेशन अवरोध ठीक होते देखा गया है।

होम्योपैथी में रोग के कारण को दूर करके रोगी को ठीक किया जाता है। प्रत्येक रोगी की दवा उसकी शारीरिक और मानसिक अवस्था के अनुसार अलग-अलग होती है। अतः बिना चिकित्सकीय परामर्श के यहां दी हुई किसी भी दवा का उपयोग न करें।

Aman Singh

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