रुद्रपुर। मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा)के बैनर तले इंकलाबी मजदूर केन्द्र और मजदूर सहयोग केन्द्र के कार्यकर्ताओं व सदस्यों एवं सिडकुल की यूनियनों के मजदूरों द्वारा 8 फरवरी को देशव्यापी मजदूर प्रतिरोध दिवस के अवसर पर श्रम भवन रुद्रपुर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरने के बाद एक रैली श्रम भवन से जिलाधिकारी कार्यालय तक गई , और जिलाधिकारी महोदय ऊधम सिंह नगर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया भारत सरकार, एवं माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया गये।
धरना स्थल पर सभा में वक्ताओं ने कहा संघर्षशील मजदूर संगठनों एवं यूनियनों के संयुक्त मंच *मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) द्वारा मजदूर वर्ग पर चौतरफा हमले के खिलाफ आज 8 फरवरी को पूरे देश भर में विभिन्न राज्यों की राजधानियों, जिला मुख्यालयों में व औद्योगिक केन्द्रों पर मजदूर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में हम उधम सिंह नगर के मजदूर संगठन व यूनियनें जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन आयोजित कर देसी- विदेशी पूंजीपतियों और फासीवादी ताकतों द्वारा मजदूर मेहनतकश जनता पर किए जा रहे हमलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले 10 वर्षों के अपने कार्यकाल के दौरान देश की मजदूर- मेहनतकश जनता के खिलाफ काले कानूनों को बनाकर उनका शोषण व उत्पीड़न को बढ़ा दिया है। पुराने श्रम कानून को समाप्त कर मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताएं बना दी हैं। जिसके तहत स्थाई रोजगार के स्थान पर फिक्स टर्म, नीम ट्रेनिंग , ठेका प्रथा आदि को बढ़ावा दिया गया है। मजदूरों के संगठित होने के अधिकारों पर हमला किया गया है , यूनियन बनाना कठिन हो जाएगा । महिलाओं से रात की पाली में काम कराया जा रहा है, अभी तक मजदूरों को श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकार समाप्त हो जायेंगे, हड़ताल करना कठिन हो जाएगा।नई शिक्षा नीति के तहत मजदूर - मेहनतकश जनता के बच्चों से शिक्षा को दूर किया जा रहा है। केन्द्र की मोदी सरकार शिक्षा - स्वास्थ्य , रेल ,सड़क परिवहन , खदान बंदरगाह , एयरपोर्ट, टेलीकॉम, बिजली आज सभी सार्वजनिक संपदा को देसी- विदेशी पूंजीपतियों को बेच रही है। सरकारी नौकरी में भर्ती खत्म की जा रही है, निजी कंपनियों में बेरोटोक छंटनी जारी है। बेरोजगारी चरम सीमा पर है, महंगाई आसमान छू रही है।
वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय स्तर पर सिडकुल में शोषण दमन - छंटनी - बंदी लगातार जारी है। इन्टरार्क मजदूर संगठन पंतनगर व किच्छा के मजदूर जिला प्रशासन की मध्यस्थता में हुए समझौते को लागू कराने के लिए भटक रहे हैं। प्रबंधन समझौता मानने से इनकार कर रहा है । नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा मजदूरों के पक्ष में फैसला देने के बावजूद जिला प्रशासन हाईकोर्ट के फैसलों को लागू नहीं करवा रहा हैं। कैरोलिया लाइटिंग में यूनियन के नेतृत्व को गैरकानूनी तरीके से बर्खास्त कर दिया गया है। लुकास टीवीएस के मजदूरों को भी गैरकानूनी तरीके से बर्खास्त किया गया है। तीनों कम्पनी के साथी उत्पीड़न और निलंबन बर्खास्त की के खिलाफ लगातार संघर्षरत हैं। पंतनगर विश्वविद्यालय में पिछले 20 सालों से गैरकानूनी रूप से कार्यरत ठेका मजदूरों का अपने स्थाईकरण व अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष जारी है।
वक्ताओं ने कहा की एक तरफ देश की जनता बदहाल है , महंगाई व बेरोजगारी चरम पर है तो दूसरी तरफ केंद्र की मोदी सरकार के शह पर पूरे देश भर में धार्मिक - जातिगत भेदभाव व नफरत की राजनीति तीखी हुई है । अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं । दलितों का उत्पीडन भी काफी बढ़ा है। महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है।
सभा में वक्ताओं ने मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को रद्द करने, शिक्षा - स्वास्थ्य व सार्वजनिक संस्थाओं के निजीकरण पर रोक लगाने, महंगाई - बेरोजगारी पर रोक लगाने, सबको स्थाई और सुरक्षित रोजगार की गारंटी देने, सिडकुल पर नगर औद्योगिक क्षेत्र में छंटनी - बर्खास्तगी व शोषण- दमन बंद करने, इन्टरार्क पंतनगर व किच्छा, करोलिया लाइटिंग , लुकास टीवीएस सहित समस्त पीड़ित मजदूरों की कार्यबहाली व सभी लंबित मांगपत्रों के निस्तारण करने , पंतनगर विश्वविद्यालय के ठेका मजदूरों को स्थाई करने की मांग की तथा सांप्रदायिक नफरत की राजनीति के खिलाफ आवाज बुलंद की।
सभा पश्चात मजदूर श्रम भवन से जिला मुख्यालय तक जुलूस की शक्ल में पहुंचे और वहां पर जिलाधिकारी महोदय उधम सिंह नगर के माध्यम से 18 सूत्रीय एक मांग पत्र महामहिम राष्ट्रपति महोदया भारत सरकार को प्रेषित किया गया। व 9 सूत्री मांग पत्र स्थानीय मुद्दों को लेकर माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार को प्रेषित किया गया।
धरना - प्रदर्शन व रैली में निम्न मजदूर संगठनों व यूनियनों ने भागीदारी की मजदूर सहयोग केन्द्र के साथी मुकुल, इंकलाबी मजदूर केन्द्र के साथी कैलाल भट्ट, इंटरार्क मजदूर संगठन,ऊधम सिंह नगर के साथी सौरभ कुमार, इंट्रार्क मज़दूर संगठन किच्छा के पान मोहम्मद, एक्टू के साथी के के के बोरा, श्रमिक संयुक्त मोर्चा के साथी दिनेश तिवारी, लुकास टीवीएस मजदूर संघ के साथी राजेश, एल जी बी के साथी बालम सिह, कारोलिया लाइटिंग एम्पलाई यूनियन के साथी हरेंद्र सिंह, रॉकेट रिद्धि शिद्ध कर्मचारी संध के कनक सिंह, एडविक कर्मचारी संगठन से निर्जेस यादव , आनंद निशिवाका यूनियन के साथी गंगा सिंह, भाकपा माले के साथी ललित मटियाली, गुजरात अंबुजा कर्मकार यूनियन के साथी रामजीत सिंह, यजाकी वर्कर्स यूनियन के साथी रविंदर कुमार, बजाज मोटर्स कर्मकार यूनियन के साथी नागेंद्र यादव, समाज सेवी व टेंपो यूनियन के साथी सुब्रत विश्वास, महिंद्रा कर्मकार यूनियन के साथी पंकज शर्मा, ऑटो लाइन इम्प्लाइज यूनियन के साथी मदन बिष्ट, बी एम एस के जिला अध्यक्ष श्रमिक नेता गणेश मेहरा, पी डी पी एल से प्रकाश सिंह, ठेका मज़दूर कल्याण समिति पंतनगर से रमेश, लाल झण्डा मज़दूर यूनियन से मनोज कुमार, जनवादी लोक मंच से हेम चन्द्र, बड़वे इंजी. वकर्स यूनियन से साहब सिंह नील मेटल जेबीएम, सीआईई इंडियाआदि वक्ताओं समेत सैकड़ो मज़दूर मौजूद रहे।
