जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से 13 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है. इस घटना के बाद अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है.
जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से बड़ा हादसा हो गया है. इस घटना में 13 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं. इस हादसे के बाद अमरनाथ यात्रा को रोक दिया गया है. पीएम मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है. बादल फटने की यह घटना आज शाम साढ़े 5 बजे हुई, घटना के बाद प्रशासन ने हेल्प लाइन नंबर जारी किए हैं. इन नंबर्स 01942496240, 01942313149 पर कॉल करके आप यात्रा पर गए अपने परिजनों के बारे में जान सकते हैं।
इसके अलावा श्री अमरनाथ जी यात्रा 2022 पर गए तीर्थयात्रियों के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किए गए हैं. 18001807198 (जम्मू), 18001807199 (श्रीनगर). वहीं दिल्ली स्थित एनडीआरएफ नंबर 011-23438252 011-23438253, कश्मीर डिवीजनल हेल्पलाइन 0194-2496240, श्राइन बोर्ड हेल्पलाइन नंबर 0194-2313149।
जम्मू कश्मीर में लगातार बदले मौसम के बीच शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बाबा अमरनाथ गुफा के पास बादल फट गया। इससे अचानक आई बाढ़ मेें फंसने से 13 लाेगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। उनके शव बरामद हो चुके हैं। इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। मृतकों की अभी पहचान उजागर नहीं हुई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है। मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। कुछ स्थानीय घोड़े वालों के भी लापता होने की सूचना आ रही है। फिलहाल बाबा बर्फानी के गुफा के पास सन्नाटा पसरा हुआ है। वहां अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। बादल फटने से वहां पर कुछ लंगरों को भी नुकसान पहुंचा है। पीएम मोदी ने घटना पर शोक जताया है।
जम्मू कश्मीर में शुक्रवार तड़के से ही मौसम एकदम बदल गया है। प्रदेश के कई इलाकों में जोरदार वर्षा हुई। हालांकि जम्मू से अमरनाथ यात्रियों के जत्थे को रवाना कर दिया गया था, लेकिन रामबन में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन हो गया। इसके चलते हाईवे बंद हो गया। अमरनाथ यात्रियों के जत्थे को रामबन जिले के चंद्रकोट में रोक लिया गया। करीब पांच घंटे के बाद दोपहर में मलबा हटाने के बाद यहां से जत्थे को छोड़ा गया। दूसरी तरफ कश्मीर संभाग में भी कई जगहों पर अच्छी वर्षा हुई। शाम करीब साढ़े पांच बजे अमरनाथ गुफा के ऊपरी क्षेत्र में जोरदार धमाके के साथ बादल फटा।
फाटल फटने से वहां बहने वाली नदी में अचानक बाढ़ आ गई। इस बाढ़ में गुफा के आसपास बने कुछ टेंट भी बह गए। इसमें कुछ लोगों के भी बह जाने की सूचना से अफरातफरी मच गई। अभी तक 13 लोगों के शव मिल चुके हैं। इनमें तीन महिलाओं और एक पुरुष का है। मृतकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में लगी हुई है। तत्काल यात्रा और दर्शन को रोक दिया गया है। बादल फटने से हुए कुल नुकसान का आकलन अभी नहीं किया गया है। विस्तृत जानकारी प्रतीक्षारत है।
पीएम मोदी ने शोक जताया
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि श्री अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। एलजी मनोज सिन्हा से बात की और स्थिति का जायजा लिया। बचाव और राहत कार्य जारी है। प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
एनडीआरएफ बचाव कार्य में जुटी
एनडीआरएफ के डीजी अतुल करवाल ने कहा कि पवित्र गुफा के पास एनडीआरएफ की एक टीम हमेशा तैनात रहती है, वह तुरंत बचाव कार्य में जुट गई। एक और टीम को तैनात कर दिया गया है और दूसरी जा रही है। अब तक 10 लोगों के हताहत होने की सूचना है। 3 लोगों को जिंदा बचाया गया। शाम करीब साढ़े पांच बजे बादल फटने की सूचना मिली। उच्च गति जल प्रवाह ने कई टेंटों को प्रभावित किया। हमारा दल बचाव कार्य में लगा हुआ है। हमारी 3 में से 2 टीमें लगी हुई हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और आईटीबीपी भी लगे हुए हैं। शुरुआती रफ्तार घट रही है, हम हर स्थिति के लिए तैयार रहेंगे।
लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बाबा अमरनाथ जी की गुफा के पास बादल फटने से आयी फ्लैश फ्लड के संबंध में मैंने एलजी मनोज सिन्हा से बात कर स्थिति की जानकारी ली है। NDRF, CRPF, BSF और स्थानीय प्रशासन बचाव कार्य में लगे हैं। लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। सभी श्रद्धालुओं की कुशलता की कामना करता हूं।
इस बारे में आईजीपी कश्मीर, विजय कुर ने कहा कि पवित्र गुफा में कुछ लंगर और तंबू बादल फटने और अचानक बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। पुलिस, एनडीआरएफ और एसएफ द्वारा बचाव अभियान जारी है। घायलों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया जा रहा है। स्थिति नियंत्रण में है।

