सितारगंज। पागल कुत्ते ने झुग्गी में सो रहे मजदूर के चेहरे पर घातक हमला कर नोच डाला। मजदूर का चेहरा कुत्ते के नुकीले दांतों से चबाने के कारण डॉक्टर ने 19 टांके लगाकर रक्तस्राव को रोका। बगल में सो रहे दूसरे मजदूर की पीठ पर भी कुत्ते ने हमला किया। डॉ रविंद्र सिंह ने घायल का उपचार किया।
फार्मासिस्ट कल्याण नाथ गोस्वामी ने घायलों को एंटी रेबीज के टीके लगाए। नानकमत्ता के ग्राम डड्ढोढ़ी निवासी कमरदिन पुत्र कमरुद्दीन झुग्गी में सो रहा था। आधी रात को पागल खूंखार कुत्ते ने झुग्गी में घुसकर कमर दिन के चेहरे पर हमला कर दिया। कुत्ते ने कमरदिन का चेहरा बुरी तरह नोच डाला। शोर शराबा सुनकर पड़ोस में सो रहा भूरा पुत्र कमरुद्दीन भाई को बचाने के लिए दौड़ा। कुत्ते ने भूरा की पीठ पर भी हमला कर घायल कर दिया। रात को ही कमरदिन का नानकमत्ता के सरकारी अस्पताल में उपचार कराया। शुक्रवार की सुबह घायल कमरुद्दीन डॉक्टर रविंद्र कुमार के पास पहुंचे। उन्होंने घायल का प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद फार्मासिस्ट कल्याण नाथ गोस्वामी ने दोनों घायलों को एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए। बताते चलें कि इससे पूर्व नानकमत्ता क्षेत्र में पालतू कुत्ते ने घर में मेहमानदारी में पहुंची वृद्धा को रात के समय हमलाकर मौत के घाट उतार दिया था। पशु चिकित्सकों के अनुसार कुत्ता हिंसक प्रजाति का जानवर होता है।जिसकी प्रवृत्ति शिकार की होती है।
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