दरअसल, उत्तराखंड सरकार कृषि भूमि को 'बाहरी लोगों' के अधिग्रहण से बचाने के लिए एक सख्त कानून पर विचार कर रही है। अल्मोड़ा के डीएम आलोक पांडेय ने अभिनेता से जुड़ी प्रॉपर्टी के भूमि कानून उल्लंघन की जद में आने की बात की पुष्टि की है। मनोज बाजपेयी ने 2021 में लमगड़ा ब्लॉक में करोड़ों की जमीन खरीदी थी, लेकिन अब यह सामने आया है कि यह खरीदारी उत्तराखंड के भू-कानून के मानकों के अनुसार नहीं की गई।
ध्यान-योग केंद्र के लिए खरीदी थी जमीन
मनोज ने ध्यान और योग केंद्र के विकास के लिए कपकोट में लगभग 15 यानी 2,160 वर्ग फीट के बराबर की जमीन खरीदी थी। हालांकि, स्थानीय लोगों के अनुसार यहां पर जमीन खरीदे जाने के बाद से कोई निर्माण नहीं हुआ है। उत्तराखंड सरकार अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मनोज बाजपेयी का अधिग्रहण स्थानीय भूमि नियमों का पालन कर रहा है या नहीं।
गौरतलब है कि उत्तराखंड ने विशेष रूप से पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में सख्त भूमि उपयोग कानूनों को लागू करने के लिए एक अभियान शुरू किया है। प्रदेश में भू-कानून को सख्ती से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री धामी ने 27 सितंबर को आदेश जारी किए थे। उनके अनुसार, नगर निकाय क्षेत्रों के बाहर बाहरी लोगों द्वारा 250 वर्ग मीटर से अधिक जमीन बिना अनुमति के खरीदने पर प्रतिबंध होगा।
