(G-वार्ता)
रुद्रपुर। कपड़े व जूते पर केंद्र सरकार की तरफ से एक जनवरी से पांच फीसद की जगह 12 फीसद जीएसटी लागू करने के फैसले पर व्यापारियों ने आक्रोश प्रकट करते हुए प्रदर्शन किया। बाधवानी मार्केट रुद्रपुर में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ व्यापारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। मांग की कि बढ़ी हुई जीएसटी के फैसले को तत्काल वापस किया जाए। नहीं तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। रविवार को सब्जी मंडी स्थित बाधवानी मार्केट में एकत्र हुए कपड़ा व्यापारियों ने प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष संजय जुनेजा, महामंत्री हरीश अरोरा के साथ बैठक की। उसके बाद तय हुआ कि केंद्र सरकार की तरफ से एक जनवरी से कपड़े व जूते में लागू पांच फीसद जीएसटी को बढ़ाकर 12 फीसद किए जाने के फैसले का विरोध हर स्तर पर किया जाना चाहिए। तय कार्यक्रम के अनुसार एकत्र व्यापारियों ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर आक्रोश प्रकट करते हुए बाजार में काला कपड़ा लेकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
आक्रोशित व्यापारियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष संजय जुनेजा ने कहा कि कोरोना संक्रमण काले के बीच करीब डेढ़ वर्ष से अधिक समय तक व्यापार पूरी तरह चैपट रहा। शादी-विवाह सहित दूसरे सार्वजनिक कार्यक्रम बंद रहे। व्यापार को काफी नुकसान हुआ, व्यापारी पूरी तरह आर्थिक चोट लगने से बर्बाद हो गया। इसके बाद भी केंद्र सरकर लगातार व्यापारियों का उत्पीड़न किसी न किसी तरह करने पर तुली है। इस बार कपड़े व जूते पर लगने वाले जीएसटी को पांच फीसद से बढ़ाकर 12 फीसद किए जाने का फैसला एक जनवरी से किया गया है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। जिलाध्यक्ष ने आक्रोशित होकर कहा कि केंद्र सरकार इस फैसले को तत्काल वापस ले नहीं तो व्यापारी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। इस प्रदर्शन में प्रमुख रूप से व्यापारी पवन गाबा, अमित डाबरा, प्रदीप कामरा, विपिन सक्सेना, अशोक जैन, ओम प्रकाश खुराना, राजकुमार, चंकी अरोरा, विजय सूरी, वेद अदलखा, सुरेंद्र व राजू खुराना आदि मौजूद थे।
कपड़े पर जीएसटी 12 फीसद करने पर भड़के व्यापारी
byAman Singh
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