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बाबा गुरिन्दर सिंह ढिल्लो ने भक्तों को दर्शन देकर किया निहाल,जिज्ञासुओं के प्रश्नों के दिये जवाब

 

रूद्रपुर। विश्व की सर्वाेच्च धार्मिक संस्था राधा स्वामी सत्संग ब्यास के मुखिया बाबा गुरिन्दर सिंह ढिल्लो जी अपने उत्तराधिकारी हजूर जसमीत सिंह गिल जी के साथ शनिवार को किच्छा रोड स्थित राधा स्वामी सत्संग घर में करीब 9.20 बजे सत्संग पंडाल में बने स्टेज पर विराजमान हुए और उन्होंने पंडाल में बैठे करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं पर कृपा दृष्टि डालते हुये उन्हे निहाल किया। पाठी द्वारा संत दादू दयाल के शब्द का पाठ करते हुये इसका विस्तार से अर्थ समझाया। करीब आधा घंटा सत्संग के बाद पहले बच्चों द्वारा शब्द पाठ किया गया। उसके बाद बाबा गुरिन्दर सिंह ढिल्लों जी द्वारा जिज्ञासुओ द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दिया गया । बाबा जी ने पूछे गये प्रश्नों के उत्तर में कहा आज के समय में हर व्यक्ति तनाव व अवसाद में जी रहा है,यह अवस्था व्यक्ति स्वयं पैदा कर रहा है चूँकि हम मन के गुलाम बनकर अपनी जरूरतों को अनावश्यक रूप से बढ़ाते जाते हैं । बाबा जी ने कहा हमें उन चीजों से बचना चाहिए जो हमारे जीवन पर बोझ बढ़ाती हैं। इसके लिए हमें अपने मन को काबू करना चाहिए । उन्होंने कहा कि हम जो भी कर्म करते हैं उनका फल हमें ही भुगतना पड़ता है,कर्म फल से तो देवी देवता व भगवान के अवतार भी नहीं बच सके तो हम क्या चीज हैं,इसलिए हमें कर्म सोच समझकर ही करने चाहिए। एक प्रश्न के उत्तर में बाबा जी ने कहा कि एक छात्र अच्छे से अच्छे स्कूल में दाखिला लेता है,पर वह सही ढंग से पढ़ाई नहीं करता है तो वह परीक्षा में पास कैसे होगा? यही नियम संतमत में भी लागू होता है,आपको मालिक ने विवेक दिया है उसका उपयोग करें, आपने सतगुरु से नामदान तो प्राप्त कर लिया लेकिन सिमरन व भजन नहीं किया तो आप मालिक से रिश्ता कैसे जोड़ पाएंगे और आवागमन से मुक्त कैसे हो पाएंगे? बाबा जी ने एक जिज्ञासु के प्रश्न के उत्तर में कहा कि आपको जो नाम मिला है,उसका नियमित जाप करें,फल की परवाह ना करें,क्योंकि फल तो हमारे परमपिता मालिक यानी सतगुरू के हाथों में है। साथ ही कहा कि आप गिनती व परख में कभी ना पड़ें । उन्होंने कई प्रश्नों के उत्तर में कहा कि आप सब अपने जीवन में घर परिवार व समाज में सही कर्मों से अच्छा माहौल बनाएं और निष्काम भाव से सेवा करें तभी बेड़ा पार होगा । काठगोदाम नैनीताल से आयी एक बहिन ने सवाल किया कि हमारे यहाँ सत्संग घर नहीं है हमें सत्संग के लिए बहुत दूर जाना पड़ता है इस पर बाबाजी ने कहा कि आप बहुत सारी महिलाएँ मिलकर जोनल सेक्रेटरी गुरमिंदर सिंह जी से मिलकर उनकी सेवा करो कि हमारे काठगोदाम में सत्संग घर क्यों नहीं बनाया गया,साथ ही बाबा जी ने हँसते हुए कहा कि पंजाबी में सेवा के दे अर्थ होते हैं,यह सुनकर सारी संगत हँसने लगी स्टेज पर बैठे हजूर जसमीत सिंह जी भी हँसने लगे। श्न उत्तर के बाद बाबा गुरिन्दर सिंह ढिल्लों जी व हजूर जसमीत सिंह गिल जी ने खुली कार में बैठकर पंडाल में बैठे श्रद्धालुओं को दर्शन दिए । कल 2 मार्च को सुबह 9.30 बजे बाबा गुरिन्दर सिंह ढिल्लों जी सत्संग फरमायेंगे ।आये हुए श्रद्धालुओं के लिए की गई सारी व्यवस्थाओं में जोनल सेक्रेटरी गुरमिनंदर सिंह के नेतृत्व में एरिया सेक्रेटरी संजीव गॉंधी,कमेटी के अध्यक्ष सूरज कालड़ा,सदस्य वरूण मदान,संजीव मुंजाल व पंकज चावला के निर्देशन में सेवादार सेवाओं में मुस्तैदी से जुटे हुए है। सेवादारों द्वारा की जा रहीं शानदार यातायात व्यवस्थाओं को देखकर ट्रेफिक पुलिस व आरटीओ विभाग के अधिकारी भी हैरान रह गए कि कहीं कोई जाम नहीं और सारे वाहन आराम से चल रहे हैं । राधास्वामी सत्संग घर में अन्य व्यवस्थाओं के साथ मेडिकल व्यवस्था भी जबरदस्त है। कहीं पर भी किसी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तुरंत एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जा रही है और गम्भीर मरीजों को तत्काल उपचार हेतु निजी अस्पताल ले जाया जा रहा है।

Aman Singh

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