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गुरूनानक शिक्षा समिति के अध्यक्ष,प्रबंधक और कर्मचारी पर लाखों के गबन का केस

रुद्रपुर। शहर की प्रतिष्ठित श्री गुरुनानक शिक्षा समिति के अध्यक्ष, प्रबंधक और एक कर्मचारी के खिलाफ कैनरा बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत से लाखों के गबन के आरोप में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। समिति के कोषाध्यक्ष की ओर से से दर्ज कराई गयी रिपोर्ट पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बता दें श्री गुरूनानक शिक्षा समिति शहर में कई शिक्षण संस्थानों का संचालन करती है। समिति के कोषाध्यक्ष अमरदीप सिंह पुत्र स. हरवक्श सिंह निवासी ग्राम- मुण्डिया खुर्द, बिलासपुर जिला रामपुर ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि श्री गुरुनानक शिक्षा समिति का बैंक खाता सं. 2543101006995 केनरा बैंक की शाखा रुद्रपुर में संचालित है, समिति के अध्यक्ष स. दिलराज सिंह पुत्र अमरीक सिंह निवासी बिगवाड़ा रुद्रपुर एवं प्रबन्धक स. गुरमीत सिंह पुत्र दयाल सिंह निवासी मेन बाजार रुद्रपुर एवं समिति के एक कर्मचारी पूरन पाण्डेय पुत्र रमेश चन्द्र पाण्डेय निवासी कौशलगंज बिलासपुर तथा केनरा बैंक के कर्मचारियो की मिलीभगत कर साजिश के तहत समिति के खाते से 01 मई2021 से दिनांक 01 दिसंबर 2022 तक कुल 113 चैकों के माध्यम से लगभग 31लाख 26 हजार 022 रूपये का गबन कर लिये। शिकायत कर्ता ने कहा कि समिति के खाते से बैंक चैको के माध्यम से धनराशि निकाल कर हड़प लेने की सूचना उसे नहीं थी,जबकि वह समिति के कोषाध्यक्ष पद पर कार्यरत है। दिलराज सिंह एवं गुरमीत सिंह द्वारा कई बार सैल्फ के चैक जारी कर पूरन पाण्डेय व बैंक के कर्मचारियों से मिली भगत करके धनराशि का आहरण कराया गया। नियमानुसार सैल्फ के बैंक चैक के माध्यम से धनराशि का आहरण नही किया जाना था बल्कि जिस व्यक्ति को भुगतान किया जाना हो उस व्यक्ति के नाम से चैक चारी किया जाना चाहिये था। गुरमीत सिंह, दिलराज सिंह, पूरन पाण्डेय और बैंक कर्मचारियों के गबन का खुलासा बैंक स्टेटमेन्ट से हुआ। बैंक मैनेजर से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि गबन की धनराशि को दूरदराज के भिन्न-भिन्न स्थानों से श्री गुरुनानक शिक्षा समिति रूद्रपुर के बैंक खाते में आंशिक रूप से जमा कराया गया है। आरोप है कि सैल्फ के चैक जारी करना स्वयं में यह स्पष्ट करता है कि दिलराज सिंह, गुरमीत सिंह, पूरन पाण्डेय व बैंक कर्मचारियों द्वारा श्री गुरुनानक शिक्षा समिति रुद्रपुर के बैंक चैक खातांे से साजिश के तहत धन का गबन किया गया है। शिकायतकर्ता ने घटना की शिकायत लिखित रूप में रूद्रपुर कोतवाली और उच्चाधिकारियों से भी की थी लेकिन शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। शिकायत के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश से सहायक पुलिस अधीक्षक / क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा जांच सम्पादित की गई एवं 26 जुलाई 2024 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को जांच रिपोर्ट प्रेषित कर दी। जांच रिपोर्ट के अनुसार 01 अप्रैल 2022 से दिसम्बर 2022 तक आरोपियों द्वारा कुल 17लाख रुपये निकालना वर्णित किया गया।धनराशि की भरपाई बैंक द्वारा कर दी गई, जिसमें भूल सुधार करते हुए समिति के खाते में धनराशि वापिस करना अंकित किया गया जबकि जो धनराशि समिति के खाते में जमा दर्शायी गई है वह विभिन्न दान दाताओं ;एकीकृत जाँच फार्म-1द्ध द्वारा जमा की गई है, धोखाधड़ी से निकालकर हड़प की गई धनराशि नहीं है। जांच रिपोर्ट के अनुसार कुल 17 लाख रूपये की धनराशि का गबन होना पाया गया, जबकि वास्तव में समिति के खाते से 31 लाख 26 हजार 22 रूपये 113 चैको के माध्यम से निकाले गये थे। बावजूद इसके गबन की पुष्टि होने के उपरान्त भी जांच अधिकारी आरोपियों को बचाने की गरज से उनके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करने की कोई रिपोर्ट प्रेषित नहीं की गयी है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर उपरोक्त सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

Aman Singh

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