पंतनगर। पं. गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह का आयोजन महामहिम राज्यपाल/कुलाधिपति ले.जन.(से.नि.) गुरमीत सिंह के आतिथ्य के साथ किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 1172 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गयी साथ ही चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान तथा प्रगतिशील किसान पद्म श्री पुरस्कृत प्रेमचंद शर्मा को डॉ. ऑफ साइंस की मानद उपाधि से सुशोभित किया गया। महामहिम राज्यपाल ने कहा कि आज के इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी का नारा जय जवान जय किसान आज पुनः जीवंत हो गया है, उन्होंने कहा कि मैं इन दोनों विभूतियों को मानद उपाधि प्रदान करते हुए स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि मुझे यह अवसर प्राप्त हो सका। महामहिम राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को व उनके परिजनों व मार्गदर्शक शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरित क्रांति के जननी इस विश्वविद्यालय के शिक्षकों व विद्यार्थियों ने प्रदेश एवं देश में कृषि उत्पादन बढ़ाने में जो योगदान दिया है उसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि जीबी पंत विवि. ने कृषि शिक्षा, शोध एवं प्रसार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न खाद्यान्नों का उत्पादन बढ़ाने में सराहनीय योगदान दिया है साथ ही उन्नत प्रजातियों के बीजों का विकास कर बीज उपयोग के नये आयाम दिये हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय स्तर से अब तक उच्च उपज प्रादन करने वाली विभिन्न फसलों की 355 किस्मों का विकास किया है। महामहिम ने कहा कि बढ़ती हुई जनसंख्या व भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, शोध कार्योंको और गति देनी होगी ताकि प्रदेश व देश की बढ़ती हुई मांग को समय से पूरा किया जा सके, इस हेतु कृषि से संबंधित जो भी शोध किये जा रहें हैं उन्हें प्रदेश के लघु एवं सीमान्त किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप निर्धारण करना होगा जिससे कि प्रदेश के लगभग 85 प्रतिशत लघु एवं सीमान्त किसानों को इनसे लाभ प्राप्त हो सके। कृषि वैज्ञानिकों को शोध करते समय स्थानीय परिस्थितियों एवं संसाधनों पर ध्यान देने की आवश्कता है। राज्यपाल ने कहा कि इस सत्र से विवि. ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को आत्मसात किया है, जिससे कृषि क्षेत्र की भविष्य की चुनौतियों का सामना विद्यार्थी और अधिक दक्षता एवं कुशलता के साथ कर पायेंगे।
महामहिम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सपने देखे और खुली आंखों से देखिए साथ ही संकल्प से सिद्धि तक प्रयास करते रहिए। उन्होंने कहा विश्वगुरू बनने का हमारा सपना युवा पीढ़ी के संकल्प और प्रयास से ही सफल हो पाएगा। उन्होंने कहा कि हम टेक्नोलॉजी के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं हो सकते हमें खुद ही प्रयास कर विश्व में उन्नत बनना पड़ेगा इसी प्रकार हमें खाद्यान्न के क्षेत्र में भी शीर्ष बनना होगा। महामहिम ने कहा कि हर भारतीय जीबी पंत वि.वि. से उम्मीद करता है एक नई क्रांति की और मुझे विश्वास है कि हरित क्रांति लाने वाला यह वि.वि. एक बार पुनः एक नई क्रांति की जननी बनने का इतिहास बनायेगा। उन्होंने कहा कि वि.वि. द्यारा पंतजा नस्ल की बकरी, उत्तरा नस्ल का कुक्कुट एवं बद्री, साहीवाल तथ फ्रीजवाल नस्ल की गयों को संवर्धन का कार्य कर रहा है व बद्री नस्ल का क्लोन तैयार किया जा रहा है और मुझे विश्वास विश्वास है कि हम एक वर्ष के भीतर बद्री नस्ल का क्लोन तैयार कर लेंगे। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में कृषि में महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान है जिसके लिए महिलाओं के अनुकूल आसान तकनीकों का विकास किये जाने की आवश्यकता है, और आशा करता हँु कि वि.वि. इस दिशा में और अधिक शोध करेगा जिससे ग्रामीण महिलाओं को कम मेहनत और अधिक उत्पादकता प्राप्त हो सकेगी। महामहिम ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वि.वि. के छात्र यहां की गरिमा के अनुरूप देश और प्रदेश में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हुए भविष्य की कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का अपने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से डटकर मुकाबला करते हुए देश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेंगे।सीडीएस अनिल चौहान ने मानद उपाधि प्रदान करने हेतु वि.वि. व कुलाधिपति का धन्यवाद करते हुए सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्नातक होने से सीखना समाप्त नहीं हो जाता बल्कि यह एक नई शुरूआत है । उन्होंने कहा कि कृषि विद्यार्थी व सैनिक दोनों जमीन से जुड़े होते हैं एक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है तो दूसरा राष्ट्र सुरक्षा। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण क्रॉपिंग कल्चर में परिवर्तन आया है, इस हेतु पैदावार व उर्वरता के लिए शोध बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में नई पीढ़ी के सहयोग की आश्यकता रहेगी, नई सोच और नई ऊर्जा के साथ कार्य करना होगा तभी देश समृद्ध होगा उन्होंने सभी को बधाई देते हुए कहा कि मैं आप में नए भारत का सुनहरा भविष्य देखता हूँ।पन्तनगर विश्वविद्यालय में 36वां दीक्षांत समारोह का आयोजन, बोले राज्यपाल गुरमीत सिंह पूर्व प्रधानमंत्री स्व. शास्त्री जी का नारा जय जवान जय किसान आज पुनः हुआ जीवित
byAman Singh
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