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विश्व पुस्तक मेले का उद्घाटन शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने किया

नई  दिल्ली।  पुस्तकों का महाकुंभ  विश्व पुस्तक मेले का उद्घाटन केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने  बटन दबाकर डिजीटल रुप से किया । इस अवसर पर शिक्षा  मंत्री  के साथ सउदी अऱब के राजदूत अहमद जावेद अलहुसैनी, नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया के चेयर मैन मिलींद सुधाकर मराठे, केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती  अन्नपुर्ना देवी,उच्च  शिक्षा सचिव, स्कूलिंग सचिव,भारत सरकार आई.टी.पी.ओ. के कार्यकारी निदेशक- रजत  अग्रवाल तथा नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया के निदेशक  युवराज मलिक 10 से 18 फरवरी तक आयोजित विश्व पुस्तक मेला का उद्घाटन किया।  इस बार इस मेले में 40 देश और 1000 से ज्यादा प्रकाशकों की 2000 से स्टाँलों की भूमिका रहेगी ।इस वर्ष मेले का थीम है बहुभाषी भारतः एक जीवंत परंपरा। इसके माध्यम से इस बार भारत की संस्कृति औऱ समृद्धि की विविधता की झलक मेले में देखने को मिलेगा। पुस्तक मेले का प्रवेश शुल्क (टिकट)ब्यस्कों के लिए 20 रुपये तथा बच्चों के लिए 10 रुपये रहेगा जबकि स्कूली बच्चों एंव बुजुर्गों के लिए प्रवेश निःशुल्क है। टिकट की सुविघा डिजीटल मोड एंव 20 प्रमुख मेट्रों स्टेशनों पर उपलब्ध रहेगा  साथ ही साथ पूरे मेले को 5 हाँलों में प्रदर्शित किया जायेगा। हाँल 1 से 5 तक में , हॉल नंबर 5 में थीम के इर्द-गिर्द ही प्रकाशक को उपलब्ध कराया गया है इसके साथी हॉल नंबर 4 में  गेस्ट ऑफ ऑनर देश के तहत इस बार  सऊदी अरब को जगह दी गई है, वही हाल नंबर 3 स्पेशली इस बार बच्चों के लिए समर्पित है जहां सिर्फ बच्चों की एक्टिविटी और वहां  उनसे संदर्भित पुस्तकों को उपलब्ध कराया गया है। वही हाल नंबर दो बहुभाषी थीम पर तथा हॉल नंबर 1 में साइंस और टेक्नोलॉजी थीम पर आधारित पुस्तकें उपलब्ध रहेगी ।राज्यों में इस बार लद्दाख,जम्मु और काशमीर को विशेष जगह दी गई  है।  बात करें प्रवेश की तो  अगर आप मेट्रो से आते हैं तो गेट नंबर 10 से एंट्री है साधारण प्रवेश गेट नंबर पांच और चार नंबर से होगी । इस पुस्तक मेले में प्रति दिन संध्या में साहित्यिक औऱ सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आयोजन किया जायेगा। कुल नौ दिनों में 600 से अधिक  कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस अवसर पर प्रधान मंत्री  नरेन्द्र मोदी के लिखे कई पुस्तकों का लोकार्पण किया गया जो देश के विभिन्न 13 भाषाओं में उपलब्ध होगी। इसके अलावे  ब्रेल लिपी में भी पाठकों को कई पुस्तकें उपलब्ध करायी जायेगी।

Aman Singh

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