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यशपाल आर्य ने विधानसभा में 20 गांवो की भूमिका का उठाया मुददा

(G-वार्ता)

बाजपुर।नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य द्वारा विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी  प्रदेश भर के काश्तकारों की भूमिधरी से संबधित एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर नियम 310 के नोटिस को आपने नियम 58 के अन्र्तगत ग्राह्यता पर सुनने की कृृपा कर मुझे इस चर्चा में भाग लेने का अवसर  दिया।

बाजपुर के 20 गांवो के निवासियों को 52 साल पहले ही संक्रमणीय अधिकार वाली भूमिधरी मिल चुकी थी।संक्रमणीय अधिकार वाली भूमिधरी का अर्थ है भूमि का मालिक अपनी जमीन रख सकता है या किसी को भी बेच भी सकता है।इन 20 गांव के लोगों को कुछ समय पहले जिला अधिकारी उधमसिंहनगर ने उत्तर प्रदेश सरकार स्टेट ठेकेदारी विनाश अधिनियम-1958 (गीटा- 1958 ) के अन्र्तगत नोटिस दिए हैं।20 गावों की 6000 एकड़ भूमि में हजारों किसान बसे हैं हजारों लोग 1970 के दशक से उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा बनाऐ गए कानून द्वारा प्रदत्त शक्ति से तब संक्रमणीय भूमिधर हैं। राजस्व अभिलेखो में इन 20 गांवो के 1373 खसरों की 2185 खतौनियां दर्ज हैं। इन 20 गांवों की जनसंख्या 60 हजार के लगभग है।20 गावों में से एक विक्र्रमपुर की 1100 एकड़ भूमि को सरकार ने ओद्योगिक क्षेत्र घोषित किया है।विक्रमपुर में पोलीपैक्स और पतंजलि के अलावा लगभग 40- 50  बडे और छोटे उद्योग स्थापित हैं।अंग्रेजों के शासनकाल में यह 6000 एकड़ भूमि 1920-30 के दशक में 2 व्यक्तियों जिन्हें तब ठेकेदार माना जाता था क्रांउन ग्रांट एक्ट - 1895 के अन्र्तगत लम्बी लीज के रुप में दी गई थी।2 परिवारों को दी गई ये लीज की जमीन कैसे हजारों लोगों तक पंहुच गई।100 सालों में यह 6000 एकड़ जमीन लीज की शर्तों से मिले - बेचने और सब लीस करने के अधिकार के कारण कानूनन हजारों लोगों के हाथों में चली गई।20 गांवों में 2185 राजस्व खतौनियां हैं।आज से 100 साल पहले 2 ठेकेदारों को 6000 एकड़ भूमि लीज पर दी गई।

इसलिए 2185 खतौनियां आज हुई हैं,जो 60000 लोग बस गऐ हैं, 1100 एकड़ भूमि में उद्योग लग गऐ।50 साल के कानूनन भूमिधरी अधिकारों और सीलिंग के सभी निर्णयों के बाद भी जिला अधिकारी उधमसिंह द्वारा गीटा एक्ट में नोटिस देना व हजारों भूमिधरों की भूमि की खरीद-बिक्री रोकने के निर्णय 20 गांवों के निवासियों को उजाड़ने वाला निर्णय है।बाजपुर में 131 लीज घारक, काशीपुर में 01, किच्छा में 124, खटीमा में 549, गदरपुर में 194, सितारगंज में 260 सहित कुल 1259 लीज धारक पंजीकृत है।इन सभी लीजधारक का लगभग 60 वर्षो से अधिक से भूमि पर कब्जा बना हुआ है।जबकि सरकार वर्ग-4, नजूल आदि की जमीनों पर मालिकाना हक दे।

Aman Singh

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