रुद्रपुर। भाकपा (माले) ने आज 28 जुलाई को पार्टी के प्रथम महासचिव कॉमरेड चारू मजूमदार की 53 वीं बरसी पर याद करते हुए उनका शहादत दिवस मनाया।
इस दौरान कॉमरेड चारू मजूमदार के संघर्षों को याद करते हुए जिला सचिव ललित मटियाली ने कहा कि कॉमरेड चारू मजूमदार ने 70 के दशक में महान किसान विद्रोह का नेतृत्व किया। यह आंदोलन संपूर्ण भूमि सुधार की मांग को लेकर हुआ था। जिसमें गरीब किसान, भूमिहीनों को जमीन दिलाने का संघर्ष चला। उन्होंने 1969 में भाकपा (माले) की स्थापना की और भाकपा(माले) के आंदोलन के तहत पूरे देश में लाखों भूमिहीनों को जमीनें वितरित करने का काम किया। उनके संघर्षों का लंबा इतिहास है। उनसे प्रेरणा लेकर आज पार्टी गरीब, पिछड़ों, दलित, अल्पसंख्यक , मजदूर , किसान, महिलाओं के हक में लड़ाई लड़ रही है।
श्रद्धांजलि देते हुए केंद्रीय कमेटी के संकल्प का पाठ किया गया। जिसमें बताया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर चुनाव आयोग गरीबों से मताधिकार छीन लेना चाहती है। यह वोटबंदी की प्रक्रिया अभी बिहार में लागू हुई है और इसके बाद केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर चुनाव आयोग पूरे देश में लागू करेगा। जिसके खिलाफ पूरी ताकत के साथ लड़ाई लड़नी होगी। इसके अलावा भाजपा सरकार गरीब बस्तियों में बुलडोजर चलने का अभियान और तेज किए हुए है। दूसरी ओर क्लस्टर स्कूल योजना के नाम पर पूरे देश में लाखों स्कूल बंद करके गरीबों को शिक्षा से वंचित कर देना चाहती है। पार्टी को भाजपा सरकार की फासीवादी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सशक्त आंदोलन छेड़ना होगा यही आज चारू मजूमदार के शहादत दिवस पर सच्चा संकल्प होगा।
इस दौरान ललित मटियाली, अनिता अन्ना, अखिलेश सिंह, उत्तम दास, रंजन विश्वास, विजय शर्मा, नवजोत सिंह, जगजीत कौर आदि शामिल थे।
