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उत्तराखंड: विपक्ष को नहीं भाया डिजिटल बजट सत्र, हुआ खूब हंगामा, पहले दिन नेताओं के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं

देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा का डिजिटल बजट सत्र की शुरुआत हो गई है. राज्य विधानसभा में बजट सत्र 20 फरवरी तक चलेगा. इस बार सबसे खास बात यह रही कि विधानसभा में अब पेपर का प्रयोग न के बराबर होगा. विधायकों को हर डिटेल, डॉक्यूमेंट और इंफोर्मेशन सामने लगे टैब पर मिलेगी. हालांकि, पहले दिन विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ. आइए जानते हैं सबकुछ…

राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र शुरू
उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के अभिभाषण से हुई, लेकिन कांग्रेस विधायकों ने इसे लेकर जमकर विरोध किया. कांग्रेस के तमाम विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान नारेबाजी की और सत्र की अवधि को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया.

विपक्षी विधायकों ने सत्र की अवधि मात्र तीन दिन रखने को अनुचित बताया. कांग्रेस विधायकों का कहना था कि इतने कम समय में जनता के सवालों पर समुचित चर्चा संभव नहीं है. कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने विपक्ष के विरोध पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में एजेंडा तय किया जाता है, तब विपक्ष के नेता चुप क्यों रहते हैं? अब मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं, जो निराधार हैं.

राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर
उत्तराखंड के राज्यपाल सुबह विधानसभा पहुंचे, जहां उनका स्वागत विधानसभा के प्रवेश द्वार पर गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया गया. इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अलावा संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल मौजूद रहे.

संसदीय कार्य मंत्री और कांग्रेस विधायक के बीच तू-तू, मैं-मैं
जैसे ही राज्यपाल ने अभिभाषण शुरू किया तो नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग कर दी. इसी मांग को लेकर सदन में हंगामा हुआ और विपक्ष को वॉक आउट के लिए मजबूर होना पड़ा. इन सबके बीच, राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट के बीच तू-तू, मैं-मैं भी हुई. स्थिति गर्म होते देख मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हस्तक्षेप करना पड़ा, जबकि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मदन बिष्ट को शांत कराया. मदन बिष्ट ने कहा कि सदन कैसे चलता है और सदन की क्या परंपरा है ये कांग्रेस को भी पता है. वहीं, बहुजन समाज पार्टी के विधायक शहजाद में भी सत्र की मियाद बढ़ाए जाने का समर्थन किया है.

मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
इधर, बजट सत्र की डिजिटल और पेपरलेस शुरुआत हुई, तो नए सिस्टम को किसी ने सराहा, तो किसी ने सवाल खड़ कर दिए. देहरादून में डिजिटल विधानसभा का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया. खुद मुख्यमंत्री ने अपने सामने लगे टैब को ओपन किया.

किसी ने सराहा तो किसी ने किए सवाल खड़े
विधानसभा में अब पेपर का प्रयोग न के बराबर होगा. विधायकों को हर डिटेल, डॉक्यूमेंट और इंफोर्मेशन सामने लगे टैब पर मिलेगी. डिजिटल युग में डिजिटल विधानसभा को बीजेपी के विधायकों ने अच्छा कदम बताया. सरकार के विधायकों ने डिजिटल सिस्टम को सराहा, तो विपक्ष के विधायकों ने पहले दिन ही सवाल खड़े कर दिए. किसी ने बिना ट्रेनिंग के शुरुआत की बात कही, तो किसी ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण ही टैब पर नहीं मिला.

Aman Singh

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