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सिरौली कला का विकास नहीं चाहते बेहड़ः शुक्ला

किच्छा। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि सरकार द्वारा सिरौली कला पर संवैधानिक निर्णय नहीं बल्कि प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। उन्होने आरोप लगाया कि विधायक तिलक राज बेहड़ सिरौली को लेकर के गलत बयान बाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहड़ विकास के मुद्दे पर बहस करें। सोमवार को प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक शुक्ला ने तिलकराज बेहड़ पर हमला बोलते हुए कहा कि वह सिरौली का विकास करना ही नहीं चाहते हैं और यदि सिरौली का विकास करना चाहते तो सिरौली को अलग से प्रतिनिधित्व देने की पैरवी करते।उन्होंने कहा कि उनके ही कार्यकाल में एम्स जैसा ट्रॉमा सेंटर लेकर आए हैं। कलकत्ता फॉर्म में उन्होंने 100 गज जमीन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने का निर्णय कराया है। जिस क्षेत्र में एम्स आया हो 100 एकड़ में स्मार्ट सिटी जैसे औद्योगिक संस्थान स्थापित किए हैं।उन्होंने कहा कि केवल तुष्टिकरण की राजनीति करना करना ही मौज्ूदा विधायक का उद्देश्य हो गया है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों से विधायक परेशान है । उन्होंने कहा कि मुस्लिम एरिया से भी आवाज उठने लगी है कि हमने वोट देकर गलती की, कोई काम क्षेत्र में नहीं हो रहा है कोई नया विकास नहीं हो रहा है । जनता बहुत परेशान है जहां जा रहे हैं वहां लोग कह रहे हैं विधानसभा क्षेत्र विकास के मामले में पीछे हो गया है। इन सब बातों को सुनकर के वह बहुत ज्यादा परेशान है। उन्होंने कहा कि सिरौली कला संवैधानिक निर्णय नहीं प्रशासनिक निर्णय है। प्रशासनिक निर्णय संवैधानिक निर्णय नहीं होता होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान विधायक हर बात पर रोने लगते हैं लेकिन आप आदरणीय बनिए आप बड़े हैं तो बड़े बनकर दिखाइए। शुक्ला ने कहा किच्छा को उसका अधिकार देने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार में मैंने शुरू कराया था वह रुक गया है। मैं चाहता हूं कि किच्छा के विकास के लिए किच्छा उत्तराखंड का महानगर बने किच्छा एक विकसित शहर बने। किच्छा में विकास के सारे आयाम सारे द्वार खुलें और यहां के लोगों को सारे अवसर मिले। यह मेरी कोशिश है । इस अवसर पर धर्मराज जायसवाल, सभासद सोनू अरोड़ा, चंदन जायसवाल ,अभिषेक तिवारी आदि भी मौजूद थे।

Aman Singh

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