रुद्रपुर।जाइडस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने जाइडस कंपनी की अवैध बंदी खोलने और अवैध बंदी से अभी तक की अवधि तक का वेतन दिलाने की मांग को लेकर श्रम कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। श्रम कार्यालय में वार्ता में पहुंचे श्रमिकगणों की ओर से ट्रेड यूनियन ऐक्टू के प्रदेश महामंत्री के के बोरा ने कहा कि शासन ने 30 नवंबर 2022 को कम्पनी की बंदी को अवैध घोषित किया था।अवैध घोषित होने के बाद शासन प्रशासन की जिम्मेदारी थी कि अवैध बंदी के खिलाफ सरकार कार्यवाही करे। लेकिन भाजपा सरकार के दवाब में मजदूरों के पक्ष में कोई कार्यवाही नहीं हुई। चुनाव से ठीक पहले यह भी बात सामने आई कि कंपनी द्वारा नवंबर 2022 में ही भाजपा को इलेक्ट्रोल बॉन्ड के माध्यम से 18 करोड़ के चंदा दिया। इस चंदे के एवज में भाजपा सरकार ने कंपनी की अवैध बंदी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। यूनियन की संयोजक अनिता अन्ना ने कहा कि राज्य सरकार के समक्ष कई बार मांग उठाने के बावजूद कंपनी कि ना तो अवैध बंदी खोली गई है और ना ही ठेका मजदूरों को कोई न्याय मिला है। कम्पनी मालिक द्वारा की गई बंदी को शासन द्वारा अवैध घोषित किया जा चुका है, लिहाजा सभी श्रमिक अभी तक का वेतन पाने के अधिकारी हैं। यूनियन के नेता नरेंद्र सिंह ने कहा कि श्रम कार्यालय में काफी समय से वार्ता चल रही है। लेकिन अभी तक कोई न्याय नहीं मिला है। श्रम विभाग में न्याय न मिलने से मजदूर परेशान हैं। इस दौरान भाकपा;मालेद्ध जिला सचिव ललित मटियाली, ऐक्टू के करण सिंह , सतेंद्र सिंह, सूरज भंडारी, तन्नू, धर्मानंद जोशी, प्रताप सिंह, सुरेश, सबीना, सोहैल, रोहित, मंजीत सिंह, राजेंद्र कुमार, तुलसी राम , विवेक यादव, उमेश सिंह, कन्हैया लाल, भजनलाल, रजनीश कुमार पाठक, आशिक अंसारी,सूरज सिंह भंडारी, ओमकार सिंह, मृणाल मंडल, आनंद मिस्त्री, राजकिशोर, बबली, नंदी देवी, सनी राना, सुखेन्द्र सिंह, पारस , किशन सिंह सहित कई लोग मौजूद थे।
जाइडस कंपनी के श्रमिकों ने श्रम कार्यालय पर किया धरना प्रदर्शन
byAman Singh
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