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मुख्यमंत्री ने की नानकमत्ता का नाम बदलने की घोषणा, जानें अब क्या होगा नया नाम

(G-वार्ता)

नानकमत्ता। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता का नाम बदलकर श्री नानकमत्ता साहिब करने की घोषणा के साथ ही गुरूद्वारा साहिब में विद्युत व्यवस्था सुचारू करने के लिए नए फिडर लगाने की घोषणा भी की। सीएम की घोषणा पर मुहर लगने के बाद नानकमत्ता का नाम बदलकर श्री नानकमत्ता साहिब हो जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री आज कारसेवा डेरे में संत बाबा टहल सिंह, बाबा फौजा ंिसंह, बाबा हरवंश सिंह को श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सिक्ख संगत को सम्बोंधित कर रहें थे।

संतों का जीवन समाज के लिए प्रेरणादायीः धामी
नानकमत्ता। बाबा हरबंस सिंह , बाबा टहल सिंह व फौजा सिंह ने अपना सम्पूर्ण जीवन सेवा में समर्पित कर समाजमें आदर्श प्रस्तुत किया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धार्मिक डेरा कार सेवा में बाबा हरबंस सिंह, बाबा फौजा सिंह, बाबा टहल सिंह की सलाना बरसी पर शिरकत की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सालाना बरसी पर बोले सो निहाल सत श्री का जयकारा लगाकर संगत को संबोधित किया। उन्होंने बाबा हरबंस सिंह, बाबा फौजा सिंह बाबा टहल सिंह की बरसी पर उनको याद कर उन्हें शत-शत नमन किया। श्री धामी ने कहा कार सेवा में उनका बहुत योगदान रहा। उनकी याद को कभी भुलाया नहीं जा सकता। संतो ने अपना जीवन लोगों की सेवा में समर्पित किया। अपने जीवन और अपने शरीर को एक एक दिन जलाने का काम किया है। समाज के लिए हर वो काम करने की कोशिश की समाज की भलाई हो सकें, समाज की मदद मिलती रहे और समाज आगे बढ़ता रहे और जन सेवा होती रहें। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बाबा टहल सिंह को मैंने बहुत करीबी से देखा है। उन्होंने एक-एक पल भूखे रहकर प्यासे रहकर लोगों की सेवा का काम किया। श्री धामी ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में माथा टेक कर प्रदेश की खुशहाली की अरदास की। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री श्री धामी को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। उसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी का काफिला धार्मिक डेरा कार सेवा पहुंचा मुख्यमंत्री धामी ने दरबार में शीश नवाया। बाबा बचन सिंह ने दिल्ली जाए धार्मिक डेरा कार सेवा के बाबा बचन सिंह ने धामी को शाल व तलवार सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। बरसी पर बड़ी संख्या में सिख संगत ने भाग लिया। बाबा की बरसी पर प्रसिद्ध रागी, दाढ़ी कवीसरी जत्थों ने संतो के बताए मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया। लंगर हॉल में गुरु का अटूट लंगर बताया गया। इस मौके पर पूर्व सिंह साहिबान ज्ञानी गुरबचन सिंह, बाबा बचन सिंह बाबा सुरेंद्र सिंह बाबा गुरजंट सिंह, बाबा श्याम सिंह, बाबा तरसेम सिंह, बाबा लखबीर सिंह, बाबा सुखा सिंह, बाबा निम्मा सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरबंस सिंह चुघ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, वरुण अग्रवाल इंद्रपाल सिंह मान, गौरव वर्मा, प्रमोद अग्रवाल, दिलबाग सिंह दारा सिंह नरवैल सिंह संधू, ओम नारायण राणा, उमेश अग्रवाल, गुरसेवक सिंह, आदि संगत मौजूद थी।

Aman Singh

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