रूद्रपुर /किच्छा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने देर रात करीब बारह बजे कोतवाली किच्छा पहुंचकर सभी विवेचकों का ओआर लिया और छह माह से अधिक समय से लंबित मामलों की विवेचकवार समीक्षा की। उन्होंने गुणदोष के आधार पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले विवेचकों को सराहा, जबकि लंबित मामलों, पुनर्विवेचनाओं और गंभीर अपराधों पर कड़े, स्पष्ट और समयबद्ध निर्देश जारी किए। एसएसपी ने महत्वपूर्ण विवेचनाओं की फाइलें मंगाकर प्रत्येक केस की प्रगति का स्वयं परीक्षण किया और आवश्यक संशोधन, तेजी एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक के बाद एसएसपी मिश्रा रात में ही किच्छा क्षेत्र के भ्रमण पर निकले। उन्होंने मुख्य चौक-चौराहों, पिकेट प्वाइंट्स और रात्रि गश्त व्यवस्था का निरीक्षण कर मौके पर तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और डड्ढूटी प्रबंधन पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवेदनशील स्थानों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और हाईवे मार्गों पर मजबूत पुलिस उपस्थिति को अनिवार्य करते हुए उन्होंने रात्रि गश्त को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। एसएसपी मिश्रा ने बढ़ते तकनीकी अपराधों पर चिंता जताते हुए आईटी एक्ट से जुड़े सभी मामलों की वैज्ञानिक एवं समयबद्ध जांच के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल साक्ष्यों का सुरक्षित संरक्षण, विशेषज्ञ सहायता और निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण अत्यावश्यक है। साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, आसेटीपी फ्ॉड और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे मामलों में तुरंत थ्प्त् दर्ज कर पीड़ित की राशि ब्लॉक करने की प्रक्रिया तेज करने के भी निर्देश दिए गए। साइबर सेल और थानों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने ‘ड्रग फ्ी देवभूमि’ अभियान के तहत नशा तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने और तस्करों, सप्लायर्स तथा छोटे स्तर के वितरकों पर लगातार कार्रवाई करने को कहा। स्कूल-कॉलेजों के आसपास, हाईवे मार्गों और संदिग्ध स्थानों पर नियमित चेकिंग बढ़ाने तथा खुफिया तंत्र को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। एसएसपी ने सड़क सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने हाईवे और प्रमुख सड़कों पर नियमित वाहन चेकिंग तथा दुर्घटना रोकथाम के लिए ठोस रणनीति तैयार करने पर भी जोर दिया। बैठक के अंत में एसएसपी मिश्रा ने कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान पुलिस की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विवेचकों को लंबित केसों को गंभीरता से लेते हुए समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अपराध के घटित होते ही थाना प्रभारी वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन के लिए आरएफ़एसएल और फील्ड यूनिट को तत्काल बुलाएं, ताकि जांच मजबूत और वैज्ञानिक आधार पर की जा सके।
एसएसपी ने देर रात किच्छा में कानून व्यवस्था का लिया जायजा
byAman Singh
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