रुद्रपुर। मां अटरिया देवी के मंदिर प्रांगण में श्रीमद् भागवत कथा का कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। माता अटरिया देवी मंदिर प्रांगण से बैंडबाजों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा जगतपुरा के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। जहां 14 वर्षीय कथावाचक बालक व्यास श्री कृष्णा शरण जी महाराज ने भागवत की पूजा अर्चना की और पूजन के बाद कलश की स्थापना की गई। कथा व्यास श्री कृष्णा शरण जी महाराज ने अपने प्रवचनों में उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत पुराण की जानकारी देते हुए कहा कि श्रीमद्भगवत कथा का श्रवण करने से मानव जीवन में एक जन्म नहीं अपितु हमारे कई जन्मों के पापों का नाश होने के साथ ही हमारे शुभ कर्मों का उदय होता है। कथा सुनने मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है।
उन्होंने कहा कि नारद जी ने भक्ति देवी के कष्ट की निवृत्ति के लिए श्रीमद् भागवत कथा का साप्ताहिक अनुष्ठान किया था। जहां संतकुमारों ने भागवत का प्रवचन करते हुए नारद के मन का संशय दूर किया। इसी कथा को धुंधकारी प्रेत ने अपने अग्रज से श्रवण किया और प्रेत योनि से मुक्ति पाकर विष्णु लोक को प्राप्त हुए। कथा व्यास ने कहा कि भगवत श्रवण से जीव के सभी पाप कर्म मिट जाते हैं। अंत में सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण किया गया।
इस दौरान अध्यक्ष महंत माता पुष्पा देवी जी, प्रबंधक अरविंद शर्मा,सह प्रबंधक पंकज गौड़, कोषाध्यक्ष सौरभ शर्मा, दीपा शर्मा,सुनीता शर्मा,अशोक यादव, चौधरी धनराज सिंह,लक्ष्मीकांत शर्मा, द्रोपा,माया,गुड्डी प्रजापति,राधा, श्यामा देवी,विनोद शुक्ला, रमेश श्रीवास्तव,सेवाराम,विजय, सविता देवी,सुमित्रा देवी,धर्मेंद्री देवी,सहित सैकड़ो की संख्या में भक्त लोग उपस्थित थे।
