29 मार्च से शुरू होने वाला है विधानसभा का बजट सत्र
देहरादून। उत्तराखण्ड की पंचम विधानसभा का विधिवत गठन हो चुका है। पुष्कर सिंह धामी के रूप में सदन को नया नेता मिल गया है। रितु खण्डूरी अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी है। यानी 29 मार्च से प्रस्तावित विधानसभा के पहले सत्र के लिए सरकार और सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने अपना होमवर्क पूरा कर लिया है। अब बारी है कांग्रेस की। विधानसभा के सत्र में सरकार को घेरने के लिए आवश्यक रणनीति तो बनाना तो दूर, उसने अभी तक नेता प्रतिपक्ष का चयन भी नही किया है। राज्यपाल ने 29 मार्च को विधानसभा का बजट सत्र आहूत करने की मंजूरी दे दी है। इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। तीन दिन का सत्र होगा जिसमें दूसरे दिन चार महीने का बजट (लेखानुदान) पेश किया जाएगा। 31 मार्च को बजट पर चर्चा होगी और उसे पारित कराया जाएगा। बजट सत्र में विनियोग विधेयक पर विषयवार चर्चा के लिए और कटौती प्रस्ताव के लिए विपक्ष जबरदस्त होमवर्क करता है। ताकि सरकार को घेरा जा सके। इसके लिए नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में रणनीति बनती है। सत्र शुरू होने से पहले ही इसकी तैयारी की जाती है। लेकिन उत्तराखण्ड की नवगठित विधानसभा के लिए मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अभी तक नेता प्रतिपक्ष का चयन नही किया है। पिछले दिनों 21 व 22 मार्च को हार पर मंथन के लिए कांग्रेस आलाकमान ने केंद्रीय नेता अविनाश पांडेय को देहादुन भेजा था। उस दौरान प्रदेश के आला पदाधिकारियों और प्रत्याशियों के साथ हार पर चर्चा हुई। अविनाश पांडेय इसकी रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान को भेज चुके है। उक्त चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष और अध्यक्ष पद का भी मुद्दा उठा था। केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर देहरादून आये अविनाश पांडेय ने इस विषय पर भी आलाकमान को रिपोर्ट की थी। लेकिन अब तक न तो प्रदेश अध्यक्ष पद पर नया मनोनयन हुआ और न ही नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। फिलहाल कांग्रेस के प्रीतम सिंह, राजेन्द्र भण्डारी, हरीश धामी जैसे कई नाम है जो नेता प्रतिपक्ष के दावेदार माने जा रहे है। अब देखना यह है कि कांग्रेस आलाकमान प्रीतम सिंह को रिपीट करता है या कोई नया चेहरा इस पद के लिए चुनता है। कांग्रेस को उम्मीद है कि 28 मार्च को या उससे पहले प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव देहरादून आएंगे। वही नेता प्रतिपक्ष के नाम का खुलासा करेंगे।
सरकार तैयार, विपक्ष को सेनापति का इंतजार
byAman Singh
0
